चौपाई दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥ २०॥
चौपाई दुर्गम काज जगत के जेते,
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥ २०॥
यह संसार अति दुर्गम है। जीवन में कठिनाईयाँ आती है तब यदि हनुमानजे की प्रार्थना करके उनका अनुग्रह प्राप्त होने पर वे कार्य सुगमता से हो जाते हैं। हनुमानजी बड़े सरल हैं और भक्तों पर पल भर में प्रसन्न हो जाते हैं।
श्री रणछोड़दासजी महाराज कहते हैं "मनुष्य यत्न और ईश्वर कृपा" अपनी शक्ति और मति अनुसार पूरा प्रयत्न करके नम्रतापूर्वक हृदय से प्रार्थना करो कि मैंने अपनी ओर से कार्य किया अब आप कृपा करके मुझे सफलता दो। ऐसा करने वाला उद्यमी मानव विजयी बनाता है। भगवान पर भरोसा रखो, भगवान पूर्ण करेंगे, हम सब निमित्त हैं। इस आचरण से जीवन में विवेक दृष्टि आती है। प्रभुराम स्वयं सुग्रीव को कहते हैं-
सखा सोच त्यागहू बल मोरे। सब विधि घटब काज मैं तोरे ।। भगवान का अनुग्रह होने पर शक्ति बढ़ जाती है।
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