चौपाई संकट ते हनुमान छुड़ावै । मन क्रम बचन ध्यान जो लावै ।।२६ ।।
चौपाई संकट ते हनुमान छुड़ावै । मन क्रम बचन ध्यान जो लावै ।।२६ ।। भक्त कवि तुलसीदास जी सभी हनुमत भक्तों को दृढ विश्वास दिलाते हैं कि हनुमानजी की कृपा से सब संकटों का निवारण हो जाता है। जो व्यक्ति मनसा वाचा, कर्मणा अर्थात अंतर्मन से, वाणी से और अपने कर्म द्वारा हनुमान जी का ध्यान करता है, उसकी हनुमानजी सभी प्रकार के कष्टों से रक्षा करते हैं। कष्टों का, संकटों का, विपदाओं का निवारण कर देते हैं। हनुमानजी ने भगवान श्रीराम के संकटों का अनेक बार निवारण किया। लक्ष्मण, भरत, जानकीजी, सुग्रीव, जाम्बवन्त, अंगद, विभीषण आदि के भी संकटों को मिटाया वे अंजनानन्दन हमारे संकट तो सहज ही दूर करने में सक्षम हैं। इसीलिये भक्तगण उन्हें "संकटमोचन" के नाम से पुकारते हैं। " संकट मोचन कृपा निधान, रक्षा कीजै श्री हनुमान।" तुलसीदासजी ने तो अलग से "संकटमोचन हनुमानाष्टक" की रचना कर दी। " को नहीं जानत है जग में कपि, संकट मोचन नाम तिहारो।" हनुमान जी संकट निवारण किनके करते हैं? "मन क्रम वचन ध्यान जो लावै।" जो उनका मन, वचन और कर्म से ध्यान करता है। अति संकट होन...