महावीर विक्रम बजरंगी
चौपाई - महावीर विक्रम बजरंगी, कुमति निवार सुमति के संगी।।३।।। दुनियाँ में सब वीर हैं पर हनुमान जी महावीर हैं। जो बड़े-बड़े अहंकारियों को तोड़ दे वह वीर हैं और जो अपने अहंकार को तोड़ दे वह महावीर है। इन्द्र द्वारा वज्र प्रहार से हनुमान जी हनु (ठुड्डी) टूट जाने के कारण उन्हें हनुमान कहा जाने लगा। प्रहार से मूर्छित हो जाने पर जल छिड़ककर हनुमान जी को पुनः सचेत कर प्रत्येक देवता ने उनको अपने अपने दिव्य अस्त्र शस्त्र दिये जिसके कारण उनका नाम महावीर हुआ। दान, त्याग, विद्या, दया और शौर्य ये पांच प्रकार की वीरता जिसमें हो वह वीर कहलाता है। हनुमान जी में इन पांचों के अतिरिक्त भक्ति, योगसिद्धि, काव्य शक्ति है और वे ब्रह्मचारी हैं अतः महावीर हैं। बाहर के शत्रु को जीतने वाला वीर और अन्दर के शत्रुओं को जीतने वाला महावीर होता है। वीर वही जो लड़ते लड़ते भले मर जाएगा परन्तु भागेगा नहीं, हार नहीं मानेगा। हनुमान जी महावीर है। रणवीर तो रावण भी था परन्तु हनुमान जी में सब प्रकार की वीरता है रणवीर, दानवीर, धर्मवीर, शूरवीर आदि। राम वीर थे परन्तु हनुमान जी महावीर हैं। राम को लं...