चौपाई राम दुआरे तुम रखवारे । होत न आज्ञा बिनु पैसारे ।। २१ ।।
चौपाई राम दुआरे तुम रखवारे । होत न आज्ञा बिनु पैसारे ।। २१ ।। भगवान राम का धाम साकेत है। हनुमानजी सदैव एक रूप में वहाँ रहकर द्वारपाल का कार्य करते हैं। भक्तों का कोई महत्त्वपूर्ण कार्य हो तब हनुमानजी अन्दर जाकर यह समाचार देते हैं तब ही दरबार में प्रवेश मिलता है। व्यावहारिक जीवन में भी जब बहुत बड़े व्यक्ति को मिलना हो तो उसके घर का ऑफिस में पहले (वाचमेन) द्वार पाल को विजिटिंग कार्ड या संदेश देना होता है। और वह मालिक की अनुमति लेकर फिर प्रवेश देता है। भक्तों का खयाल प्रभु राम रखते हैं और हनुमानजी रामजी का खयाल रखते हैं। विश्व में जहाँ भी राम मंदिर होता है वहाँ हनुमानजी की मूर्ति होगी ही। हनुमानजी बिना श्री राम अधूरे हैं और हनुमानजी के हृदय में श्रीराम लखन जानकी जी होते ही हैं। इसलिये यदि अकेले हनुमानजी ही मंदिर में हों तो उनके पूजन से सबका पूजन हो जाता है। हनुमानजी सदैव राम सेवा में तत्पर रहते है। यदि भक्त राम मंदिर में कोई इच्छा लेकर जाता है तो दरवाजे पर प्रहरी की तरह हनुमानजी उनकी इच्छा पूरी कर देते हैं जिससे प्रभुराम तक भक्तों की मांग न पहुँचे औ...